कोविड संक्रमण फैलाने के आरोप में गिरफ्तार 09 थाइलैंड के जमाती जेल से रिहा

प्रयागराज (हि.स.)। कोविड संक्रमण फैलाने और वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए 09 थाइलैंड के जमातियों को भी मंगलवार को जेल से रिहा कर दिया गया है। 

अधिवक्ता एस.ए नसीम ने बताया कि सात इंडोनेशियाई जमातियों के रिहा होने के बाद नौ थाइलैंड के जमातियों को चार माह बाद नैनी सेन्ट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। हाईकोर्ट ने सभी 09 थाइलैंड के जमातियों की जमानत 24 अगस्त को ही मंजूर कर ली थी। लेकिन जिला कोर्ट के लगातार बंद रहने के चलते नैनी सेन्ट्रल जेल से रिहा नहीं किए जा सके थे। नैनी सेन्ट्रल जेल प्रशासन ने सभी विदेशी जमातियों को रिहा कर उनके अधिवक्ता एस.ए नसीम की सुपुर्दगी में सौंप दिया है। 
गौरतलब है कि दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी मरकज से लौटे नौ थाईलैंड के जमाती प्रशासन को बगैर सूचना दिए करेली के हेरा मस्जिद में ठहरे थे। जिनके खिलाफ प्रशासन से जानकारी छिपाने, कोरोना संक्रमण फैलाने और टूरिस्ट वीजा पर धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के आरोप में करेली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इनके विरुद्ध 269, 270 आईपीसी के साथ, 3 महामारी अधिनियम 1897 और 14बी व 14सी विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 लगाया गया था। विवेचना के बाद सभी भारतीयों से 14बी और विदेशियों से 14सी की धारायें हटा ली गईं थी। पहले 24 मार्च को इन्हें क्वारेंटीन किया गया था। लेकिन बाद में 21 अप्रैल को नौ थाइलैंड, सात इंडोनेशियाई और 14 भारतीयों समेत कुल तीस जमातियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हालांकि सभी 14 भारतीयों की जमानत पूर्व में ही हो चुकी है। जबकि इंडोनेशिया के सात जमाती भी 25 सितम्बर को ही नैनी सेन्ट्रल जेल से रिहा किया जा चुके हैं। दरअसल कोविड के चलते लगातार जिला कोर्ट के बन्द रहने के चलते नौ थाइलैंड के जमातियों मुहम्मद मदाली, हसन पाचो, सिद्धिपॉन, सुरस्क लेमुस्क, अरसेनन थोमया, अब्दुल बसिर, अब्दुलन मेमिंग, ओपदुन्न वहाब और रोमली कोले को अब रिहा किया जा सका है। जेल मैन्युअल के मुताबिक सभी विदेशियों को जेल प्रशासन द्वारा उनके अधिवक्ता एसए नसीम की सुपुर्दगी में दिया गया है। 
जमातियों के अधिवक्ता के मुताबिक जेल से रिहा हुए विदेशी जमातियों को मुकदमे के निस्तारण तक मरकज अब्दुल्लाह मस्जिद में ही सामाजिक दूरी बनाकर कोविड 19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए रखा जाएगा। इन्हें यहां पर रखने के लिए थाईलैंड दूतावास से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर ली गई है। जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस और एलआईयू को भी दी गयी है। 

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