कोरोना काल में परिषदीय विद्यालयों में बढ़ पाएंगे छात्र !

कानपुर। जुलाई माह से हर वर्ष शासन के निर्देश पर परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाये जाने का जोर दिया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना काल के चलते सभी स्कूल बंद चल रहे हैं। इसके बावजूद हर वर्ष की भांति बीएसए ने शिक्षकों और खण्ड शिक्षा अधिकारियों को परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य दे दिया है। ऐसे में यह देखना होगा कि परिषदीय विद्यालयों में कहां तक छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो पाती हैं, हालांकि अभी तक के जो जनपद में आंकड़े हैं वह पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं।

परिषदीय विद्यालयों में हर वर्ष छात्रों की सख्ंया बढ़ाने की कवायद तेज की जाती है, पर नतीजा लगभग सिफर ही रहता है। वर्तमान सत्र तो कोरोना संक्रमण की चपेट में चल रहा है और छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं। इसी बीच जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों और खण्ड शिक्षा अधिकारियों को छात्र संख्या बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है, जिससे शिक्षक और खण्ड शिक्षा अधिकारी परेशान हैं। उन्हे समझ में नहीं आ रहा है कि इस कोरोना काल में कैसे छात्रों की संख्या बढ़ाई जाए, पर बीएसए का आदेश है तो कवायद करने में जुटे हुए हैं। शिक्षकों का कहना है, इस सत्र में कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद हैं, जिससे छात्रों का प्रवेश करा पाना अभेद्य चुनौती है। हालांकि, चर्चा इस बात की भी है कि जब बड़े साहब ने ऑर्डर जारी कर दिया तो उसे ना-नुकुर कर मानना ही पड़ेगा। अब देखना होगा कि आखिर ये लक्ष्य पूरा हो पाता है या नहीं। लक्ष्य के मुताबिक अब कक्षा एक में 30 बच्चों और कक्षा छह में 35 बच्चों के प्रवेश हर विद्यालय में होंगे। इसके अलावा कंपोजिट विद्यालयों यानी जहां कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के बच्चे पढ़ रहे हैं, वहां 200 से अधिक छात्र संख्या का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं अगर अगस्त माह तक आंकड़ों पर गौर किया जाये तो कानपुर नगर जनपद में अभी 126313 छात्रों का नामांकन हो सका है, जबकि पिछले वर्ष 148411 छात्रों का नामांकन हुआ था। 

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