काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के स्वर्ण रजत पंचबदन प्रतिमा की निकलेगी शोभायात्रा

-चौखम्भा स्थित काठ की हवेली से शुरूआत, गोविंदेश्वर महादेव की आकर्षक झांकी आकर्षण

वाराणसी (हि.स.)। काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के स्वर्ण रजत पंचबदन प्रतिमा की 69वीं शोभायात्रा एक जुलाई को चौखम्भा स्थित काठ की हवेली से निकलेगी। 1954 में निर्मित स्वर्ण रजत पंचबदन प्रतिमा की शोभायात्रा कोरोना के चलते दो वर्ष तक नहीं निकल पाई थी। अब स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी इस वर्ष इसे भव्य रूप से निकालने की तैयारी में जुट गई है। शोभयात्रा में गोविंदेश्वर महादेव की आकर्षक झांकी तथा डमरू दल आकर्षण के केन्द्र रहेंगे।

बुधवार को पराड़कर भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कमेटी के अध्यक्ष किशोर कुमार सेठ ने बताया कि शोभायात्रा में सर्वप्रथम आगे पुलिस घुड़सवार रहेगी। उनके साथ ताशा बाजा के साथ भक्त ध्वजा पताका लिए अग्रिम पंक्ति में चलेंगे। साथ ही कमेटी के संस्थापक द्वय स्वर्गीय किशुन दास और स्वर्गीय भीकू सिंह की तस्वीर भी सुसज्जित रथ पर चलेंगी। बैंड पार्टी सुमधुर धुन बिखेरते चलेंगे।

किशोर सेठ के अनुसार शोभायात्रा में माता स्वरूप प्रतिमाएं अपने करतब दिखाते हुए चलेंगी। 11 सुसज्जित छतरी युक्त घोड़ों पर देव प्रतिमाएं राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान, शंकर, गणेश, नारद, ब्रह्मा जी के साथ दो दरबान भी विराजमान रहेंगे। इस दौरान पाइप बैंड का भी आकर्षण रहेगा। शोभायात्रा में परम्परागत रूप से भगवान शंकर, माता पार्वती, राधा कृष्ण, दुर्गा जी, काली जी, हनुमान जी की भी आकर्षक झांकी रहेगी। इवेंट प्लानर की टीम नीरज सेठ के नेतृत्व में रास्ते भर भजन प्रस्तुत करती रहेगी। शोभायात्रा के अंत में शहनाई के साथ नई साज-सज्जा के साथ फूलों से सुसज्जित बाबा कालभैरव का स्वर्णिम रथ होगा। रास्ते भर भक्तों को प्रसाद का वितरण भी होता रहेगा। बाबा के रथ के स्वागत के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और भक्त 40 स्थानों पर पूजा अर्चना करेंगे। शोभायात्रा काठ की हवेली, चौखंभा से प्रारंभ होकर बीवीहटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार, सोराकुआं, गोलघर, भुतही इमली होते हुए कालभैरव मंदिर पर जाकर सम्पन्न होगा। इसके बाद बाबा की स्वर्ण रजत प्रतिमा मंदिर में प्रतिस्थापित कर भव्य श्रृंगार व पूजन किया जाएगा। समयानुसार रात्रि 11:00 बजे तक दर्शन पूजन का कार्य चलता रहेगा। पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित के आचार्यत्व में सायंकाल बाबा की बसंत पूजा होगी।

श्रीधर

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