उप्रः संदिग्ध आतंकियों से कस्टडी रिमांड पर एटीएस करेगी पूछताछ

– पूछताछ में यूपी एटीएस के साथ होंगी सुरक्षा एजेंसी की टीमें

– संदिग्ध आतंकी नदीम, सैफुल्ला और सबाउद्दीन बुधवार को कस्टडी रिमांड पर लिए गए

– नदीम के पास मिले पीडीएफ फाइल में आतंकी मसूंबों का हुआ खुलासा

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों के मंसूबों के बारे में पता लगाने के लिए बुधवार को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के लिए एनआईए/एटीएस की विशेष अदालत ने एटीएस की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई करते हुए कस्टडी रिमांड स्वीकृति की है। संदिग्ध आतंकी नदीम और हबीबुल उर्फ सैफुल्ला को 12 दिन और सबाउद्दीन को 10 दिन की कस्टडी रिमांड बुधवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई।

स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तर प्रदेश को दहलाने की साजिश को आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने नाकाम करते हुए तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। 12 अगस्त को नदीम को सहारनपुर से 14 अगस्त को सैफुल्ला को फतेहपुर से गिरफ्तार किया था। वहीं, 09 अगस्त को आजमगढ़ से सबाउद्दीन की गिरफ्तारी हुई थी।

सूत्रों की माने तो यूपी एटीएस की जांच में यह पता चला था कि नदीम और हबीबुल दोनों पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हैंडलरों के सम्पर्क में थे। दोनों बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। सबाउद्दीन आंतकी संगठन आईएसआईएस के रिक्रूटर से सीधे सम्पर्क में था।

बताया जा रहा है कि संदिग्ध आतंकी नदीम के पास से एटीएस को कुछ पीडीएफ फाइल मिली है, जिसमें आत्मघाती हमले के लिए जैकेट बनाने का तरीका, किस तरीके से आत्मघाती हमला करना। अपना बचाव और इस दौरान क्या-क्या चीजें इस्तेमाल में लानी है। डायनामाइट कैसे बनता है इन सभी की जानकारी इस पीडीएफ फाइल में होने की बात सामने आयी है हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

नदीम और सैफुल्लाह के तार जम्मू कश्मीर, गुजरात, झारखंड और महाराष्ट्र के लोगों से जुड़े है, जिनकी निशानदेही पर जल्द ही इन जगहों पर छापेमारी हो सकती हैं। सबाउद्दीन के कश्मीर, किशनगंज और बिहार कनेक्शन निकला है। मोहम्मद नदीम पाकिस्तान में जाकर आतंकी ट्रेनिंग लेने की तैयारी भी कर चुका था। वहीं, आतंकी हबीबुल इस्लाम के मोबाइल से आतंक संबंधी सौ से अधिक वीडियो मिले हैं, जो अधिकतर अलकायदा व आईएसआईएस आतंकी संगठन के हैं। इन संगठनों के सरगना व अन्य प्रमुख आतंकियों के भड़काऊ व नफरती भाषणों के हैं। वह टेलीग्राम एप पर बनाए गए राह-ए-हिदायत ग्रुप से भी जुड़ा है। इस ग्रुप में कई पाकिस्तानी व अफगानी जेहादी मुजाहिद जुड़े हुए हैं। यह दोनों अभियुक्त बाद में गुरबा नामक टेलीग्राम एप से एक-दूसरे से जुड़ गए थे। इन सभी वीडियो को इकट्ठा कर एटीएस ने साक्ष्य के तौर पर अपनी विवेचना में शामिल किया है।

इस संबंध में एटीएस के एडीजी का कहना है कि तीनों संदिग्ध आतंकियों पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया है। अभी तक जो तथ्य जांच में सामने आये है उसके बारे में भी उनसे पूछताछ होगी। तीनों से एक साथ भी पूछताछ किया जा सकता है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आयेंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जायेगी।

दीपक

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