उज्जैन में धरा गया विकास दुबे, दो साथी किए गए ढ़ेर

नेशनल डेस्क

नई दिल्ली। कानपुर एनकाउंटर का मुख्य आरोपी तथा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा इनामी बदमाश विकास दुबे उज्जैन से गिरफ्तार हो गया. वह मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल का दर्शन कर बाहर निकला ही था कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जाता है कि दर्शन करने के बाद उसने स्वयं आवाज लगाकर लोगों को एकत्रित किया कि मैं ही हूं विकास दूबे. इसके बाद मंदिर की सुरक्षा में तैनात गार्डों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उसके गिरफ्तारी की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई. बता दें कि उसकी तलाश पांच राज्यों की पुलिस कर रही थी. उप्र शासन ने उस पर पांच लाख का इनाम घोषित किया था. फिलहाल वह उज्जैन थाने में है.
बताया जा रहा है कि आज सुबह ही विकास दुबे अपने कुछ साथियों के साथ महाकालेश्वर मंदिर पहुंचा और 250 रुपए का टिकट लेकर मंदिर में दर्शन के लिए आया था। सुबह 09 बजकर 55 मिनट पर विकास दुबे ने मंदिर के सामने अपना नाम चिल्लाया. मौके पर स्थानीय मीडिया को भी बुला लिया गया था. उसने खुद ही स्थानीय मीडिया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद भी विकास पर कोई असर नहीं दिखा और मीडिया के सामने चिल्लाने लगा, ‘.मैं विकास दुबे हूं…कानपुर वाला. स्थानीय मीडिया के साथ ही स्थानीय पुलिस भी महाकालेश्वर मंदिर के सामने पहुंची और विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया. जब पुलिस विकास दुबे को पकड़कर महाकाल थाने में ले जा रही थी, तब विकास दुबे लगातार मीडिया से बात कर रहा था. बाद में उज्जैन एसपी मनोज सिंह दुबे को गिरफ्तार कर कंट्रोल रूम ले गए.

आपको बता दें कि विकास दुबे कानपुर की घटना के बाद भाग गया था, जिसके बाद हरियाणा के फरीदाबाद में उसकी झलक दिखी थी. फरीदाबाद के एक होटल के सीसीटीवी कैमरे में विकास दुबे को देखा गया था, लेकिन वह वहां से फरार हो गया. छापे में उसके गुर्गे गिरफ्तार कर लिए गए थे. विकास दुबे लगातार छुपता हुआ भाग रहा था, पहले उसके नोएडा और फिर राजस्थान जाने की बात की जा रही थी. ऐसे में पुलिस ने एनसीआर में लगातार छापेमारी की थी. लेकिन विकास दुबे वहां पर भी नहीं मिला. अब सात दिन बाद उसके उज्जैन में मिलने की खबर आई. सूत्रों की मानें तो फरीदाबाद से मध्य प्रदेश तक वह आसानी से एक गाड़ी में पहुंचा, जो पूरी तरह सुरक्षित थी. ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि इतनी बंदिशों के बाद भी विकास दुबे आखिर कैसे इतना लंबा सफर कर पाया.

इस बीच मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि अभी विकास दुबे मध्य प्रदेश पुलिस की कस्टडी में है. गिरफ्तारी कैसे हुई? इसके बारे कुछ भी कहना ठीक नहीं है. मंदिर के अंदर से या बाहर से गिरफ्तारी को लेकर कहना भी ठीक नहीं है. उसने क्रूरता की हदें शुरू से ही पार कर दी थी. वारदात होने के बारे से ही हमने पुलिस को अलर्ट पर रखा था. विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की है. बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह ने विकास दुबे को यूपी पुलिस को हैंडओवर करने का भरोसा दिया है. अब यूपी पुलिस ट्रांजिट रिमांड लेकर विकास दुबे को उत्तर प्रदेश लाएगी.


इससे पूर्व आज सुबह विकास दुबे के दो साथी पुलिस मुठभेड़ में ढे़र कर दिए गए. बताया जाता है कि कल फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद एनकाउंटर में उसे ढेर कर दिया गया. इसके अलावा विकास दुबे गैंग का एक और मोस्ट वांटेड क्रिमिनल बबन शुक्ला भी इटावा में ढेर हो गया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कानपुर पुलिस की टीम फरीदाबाद में गिरफ्तार किए गए विकास दुबे के साथी प्रभात मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कानपुर आ रही थी. एसटीएफ की टीम एस्कॉर्ट कर रही थी. गुरुवार की सुबह पनकी थाना क्षेत्र में गाड़ी पंक्चर होने पर अभियुक्त प्रभात पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास करने लगा. उसने पुलिस पर अंधाधुंध फायर भी किया, जिसमें एसटीएफ के दो आरक्षी गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस द्वारा आत्मरक्षा के लिए किए गए फायर में बदमाश प्रभात घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. उल्लेखनीय है कि बुधवार को फरीदाबाद पुलिस ने प्रभात को दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया था और इसके पास से चार पिस्टल बरामद हुए थे.
इटावा से हमारे संवाददाता मनोज त्रिपाठी के अनुसार, इस बीच इटावा पुलिस ने उसके एक अन्य साथी प्रवीण उर्फ़ बव्वन दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया. बव्वन पर 50 हजार का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ बिकरू गांव में पुलिस टीम पर हुए हमले में शामिल होने के आरोप में चौबेपुर थाने में केस भी दर्ज था. एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि आज सुबह तड़के तीन बजे महेवा थाना क्षेत्र के हाईवे पर बकेवर के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार को स्कॉर्पियो सवार चार असलहाधारी बदमाशों ने लूट लिया. इसके बाद करीब साढ़े 4ः30 बजे पुलिस ने उन्हें सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र के कचौरा रोड पर पुलिस ने उन्हें घेरा. पुलिस ने कार का पीछा किया. इसके बाद कार पेड़ से टकरा गई और अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की तरफ से जवाबी फायरिंग में एक बदमाश को कई गोलियां लगी. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उसकी पहचान प्रवीण दुबे उर्फ़ बव्वन दुबे के रूप में हुई है. हालांकि उसके तीन साथी भागने में कामयाब रहे. उनकी तलाश के लिए नाकेबंदी की गई है. मृत बदमाश के पास से एक पिस्टल, एक डबल बैरल बंदूक और भारी मात्रा में कारतूस बरामद की गई है.

सत्य हो गई शर्ट पर लिखी बात..

आज सुबह कानपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए प्रभात मिश्रा के शर्ट पर लिखी बात अन्ततः सत्य हो गई. दरअसल प्रभात मिश्रा को बुधवार को गिरफ्तार किया गया था और उसे जब कोर्ट में पेश किया गया, तब उसकी टी-शर्ट पर लिखा था, ’अपना टाइम आएगा.’ अब प्रभात मिश्रा की वह टी-शर्ट पहने फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोग कमेंट्स कर रहे हैं. यूजर्स का कहना है कि प्रभात मिश्रा पता नहीं किस टाइम की बात कर रहा था, लेकिन सबसे बड़ा टाइम तो आज सुबह ही आ गया। प्रभात मिश्रा को फरीदाबाद में न्यायिक दंडाधिकारी मुहम्मद जकारिया खान की अदालत में पेश किया गया था. यूपी पुलिस की ओर से कानपुर के चौबे नगर थाना पुलिस के सब इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार ने कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मांगा था. प्रभात को जब कोर्ट में पेश किया गया, तब उसने मैरून रंग की टी शर्ट पहनी थी, जिस पर लिखा था अपना टाइम आएगा. अदालत ने कानपुर पुलिस को 1 दिन के ट्रांजिट रिमांड पर प्रभात को सौंपा था. उसी के बाद प्रभात को फरीदाबाद से कानपुर लाया जा रहा था और सुबह-सुबह यह मुठभेड़ हो गई.

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