ईरान से चीन जा रहे विमान में बम की सूचना, भारत ने पीछे लगाए दो लड़ाकू विमान

-चीन के ग्वांग्झू हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा विमान

तेहरान/ नई दिल्ली/ बीजिंग (हि.स.)। ईरान से चीन जा रहे विमान में बम की सूचना मिलने पर ईरान से लेकर भारत और चीन तक हड़कंप मच गया। भारतीय वायु क्षेत्र में बम की सूचना मिलते ही भारतीय वायु सेना ने दो लड़ाकू विमान उस विमान के पीछे लगा दिये। 45 मिनट तक भारतीय सीमा में रहने के बाद उक्त विमान चीन की ओर रवाना हो गया। बाद में चीन के ग्वांग्झू हवाई अड्डे पर विमान सुरक्षित उतरा तो सभी ने राहत की सांस ली।

ईरान की राजधानी तेहरान से चीन के शहर ग्वांग्झू जा रहा महान एयर का विमान सोमवार सुबह, जिस समय भारतीय वायु क्षेत्र में उड़ान भर रहा था, उसी समय उस विमान में बम होने की सूचना मिली। पाकिस्तान के लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ओर से दिल्ली के एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इस आशय की सूचना दी गयी। साथ ही पायलट ने विमान को तत्काल दिल्ली में उतारने की अनुमति भी मांगी। दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ओर से विमान को पहले जयपुर, फिर चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर उतारने के लिए कहा गया। दिल्ली की जगह जयपुर या चंडीगढ़ में उतरने की बात सामने आने पर विमान के पायलट ने विमान को चीन की ओर आगे बढ़ाने का फैसला किया। इस बीच भारतीय वायु सेना ने दो लड़ाकू विमान इसके पीछे लगा दिए। भारतीय वायु क्षेत्र में ईरानी विमान की मौजूदगी के दौरान लगातार उस पर नजर रखी गयी।

बताया गया कि बम की सूचना को लेकर महान एयर ने दिल्ली हवाई अड्डे पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया था। उस समय विमानन सेवा प्रदाता ने विमान के चालक दल को दिल्ली में तत्काल विमान उतारने की सलाह दी थी। इस पर दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को पहले जयपुर और फिर चंडीगढ़ ले जाने का सुझाव दिया लेकिन विमान के पायलट ने असहमति व्यक्त करते हुए भारतीय हवाई क्षेत्र छोड़ दिया। उधर, विमान में बम की सूचना मिलते ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। तत्काल भारतीय वायुसेना को अलर्ट किया गया। इस पर पंजाब और जोधपुर एयरबेस से दो सुखोई विमान ईरानी विमान के पीछे लगा दिए गए। उसके बाद ईरानी विमान करीब 45 मिनट तक भारतीय हवाई सीमा में रहा। इस दौरान पूरे समय हड़कंप की स्थिति रही। अब देश के सभी एयरफोर्स स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है। वायुसेना को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

इस बीच भारतीय वायु सेना ने औपचारिक रूप से घटनाक्रम की जानकारी दी है। वायु सेना की ओर से कहा गया है कि 3 अक्टूबर, 2022 को एक ईरानी एयरलाइन के विमान में उस समय बम की आशंका की सूचना मिली, जब वह भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसके बाद भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों से सुरक्षित दूरी पर रहकर विमान का पीछा किया। ईरानी विमान पहले जयपुर और फिर चंडीगढ़ में उतरने का विकल्प दिया गया किन्तु पायलट ने दोनों हवाई अड्डों पर जाने पर सहमति नहीं जताई। कुछ समय बाद तेहरान से बम की आशंका को नजरअंदाज करने की सूचना मिली। इसके बाद विमान अपने गंतव्य की ओर चला गया। इस दौरान नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा संयुक्त रूप से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भारतीय वायु सेना ने निगरानी की कार्रवाई की। विमान जितनी देर भारतीय वायु क्षेत्र में रहा भारतीय वायु सेना ने उसकी समग्र निगरानी की।

बाद में जब विमान चीन के ग्वांग्झू हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया, तो सम्बन्धित देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। इस मामले पर ईरान की महान एयरलाइंस ने बयान जारी कर कहा कि कंपनी के यात्री विमान एयरबस 340 एन तेहरान से चीन के ग्वांग्झू जा रहा था। भारत के ऊपर उड़ान के दौरान बम की धमकी मिलने पर आपातकालीन लैंडिंग का अनुरोध किया गया था। महान एयरलाइंस ने कहा कि जैसे ही पायलट को उड़ान के दौरान बम होने के बारे में सूचित किया जाता है, वह सर्वाधिक निकटस्थ एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचित करता है और उड़ान की पूरी पड़ताल करता है। इसके बाद विमान के संचालन आदि के बारे में फैसला किया जाता है। सुरक्षा से समझौता नहीं करने व मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और आंतरिक परिस्थितियों को देखते हुए आपातकालीन लैंडिंग की सलाह दी गई थी। एयरलाइंस के अनुसार यह फ्लाइट चीन के ग्वांग्झू में तय समय पर सुरक्षित रूप से उतर गई।

संजीव मिश्र/दधिबल

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