आईपीएस अफसर ने डॉक्टर ने लूट मामले में थानाध्यक्ष पारा पर की एफआईआर की मांग

लखनऊ। वरिष्ठ आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने थाना पारा क्षेत्र में 14 सितम्बर की रात डॉ. आशुतोष राज, अधीक्षक, सीएचसी, लखनापुर, उन्नाव के साथ मारपीट, गालीगलौच, जबरदस्ती मोबाइल ले लेने आदि की घटना की एफआईआर दर्ज करते हुए इस संबंध में हीलाहवाली करने वाले थानाध्यक्ष पारा के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की है।

पुलिस कमिश्नर लखनऊ सुजीत पाण्डेय को भेजे पत्र में अमिताभ ने कहा कि डॉ. आशुतोष राज के अनुसार वे अपने एक डॉक्टर साथी डॉ. नीरज सिंह राजपूत, सर्जन, झांसी मेडिकल कॉलेज के साथ गाड़ी संख्या यूपी32जेके7553 से डॉ. राजपूत को गेस्ट हाउस छोड़ने जा रहे थे कि नरोना को जाने वाली रोड (काकोरी मोड़) के पास काकोरी की तरफ से आने वाली गाड़ी संख्या यूपी32केएफ8410 ने उनकी गाड़ी पर जोरदार टक्कर मारी, जिसके बाद दूसरी ओर से करीब 15-20 लोग इकठ्ठा हो गए। 
उन लोगों ने डॉ.आशुतोष राज को धक्का मारा जिससे उन्हें खरोंच लगी, साथ ही इन लोगों ने डॉ. राज तथा डॉ. राजपूत से गालीगलौच एवं हाथापाई की। इतना ही नहीं, अपनी गाड़ी में हुए कथित नुकसान की भरपाई के लिए वे डॉ. राज को जबरदस्ती मोटरसाइकिल में बैठा कर बुद्धेश्वर स्थित एटीएम ले गए, जहां डॉ. राज ने 10,000 रुपये निकाल कर उन लोगों को दिया, जिसके बाद ही उन लोगों ने करीब 11.30 बजे उन्हें छोड़ा। 
आरोप है कि इन लोगों ने इस दौरान डॉ. राज के सिम नम्बर 9455001137 व 8299187775 वाला मोबाइल तथा डॉ. राजपूत के सिम नंबर 9917966948 व 8755242131 वाला मोबाइल एवं कुछ रुपये भी गायब कर लिए।
अमिताभ ने कहा कि डॉ. राज उसी रात थाना पारा गए। लेकिन, थानाध्यक्ष ने एफआईआर नहीं लिखी तथा डॉ. राज को ही झूठा बताया। उन्होंने इस संबंध में पत्रकार एवं थानाध्यक्ष पारा की बातचीत का एक ऑडियो भी प्रस्तुत किया, जिसमे थानाध्यक्ष डॉक्टर को झूठा बता रहे हैं। इसलिए अमिताभ ने डॉ. अभिषेक राज के मामले में अविलंब एफआईआर दर्ज करने तथा थानाध्यक्ष पारा के संबंध में जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।

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